Protection of Women’s Domestic Violence In HINDI simplified

In HINDI simplified

महिलाओं की घरेलू हिंसा से सुरक्षा :-   

1. प्रश्न:- घरेलू हिंसा क्या है ?

 उत्तर :-  घरेलू हिंसा से तात्पर्य पीड़ित महिला के साथ घर में होने वाले शारीरिक, मौखिक, मानसिक, भावनात्मक, आर्थिक एवं यौन शोषण से है I

  1. प्रश्न :-  महिलाओं की घरेलू हिंसा से सुरक्षा अधिनियम, कब अस्तित्व में आया?

 उत्तर :-  महिलाओं की घरेलू हिंसा से सुरक्षा अधिनियम, 2005, 26 अक्टूबर 2006 से अस्तित्व में आया I

  1. प्रश्न महिलाओं की घरेलू हिंसा से सुरक्षा अधिनियम , 2005 के मुख्य उद्देश्य क्या है ?

 उत्तर :- इस अधिनियम के मुख्य उद्देश्य है निम्नलिखित है :-

  • परिवारिक सदस्यों के द्वारा किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा से पीड़ित महिला को सुरक्षा प्रदान करना I
  • घरेलू हिंसा की घटनाओं की पूर्ण आवृत्ति को रोकना I
  • महिलाओं की शारीरिक मानसिक आर्थिक योन और भावनात्मक शोषण का उन्मूलन करना I
  • पीड़ित महिला की घरेलू हिंसा से संबंधित शिकायत का 60 दिनों में निपटारा सुनिश्चित करना I
  • महिलाओं के संवैधानिक एवं परिवारिक अधिकारों की सुरक्षा करना I

 

  1. प्रश्न :-  इस अधिनियम के तहत पीड़ित महिला की क्या परिभाषा है ?

 उत्तर :-  कोई भी महिला घरेलू हिंसा से पीड़ित हो और जो प्रतिवादी के साथ वैवाहिक रक्त और दत्तक किस प्रकार के घरेलू रिश्ते से संबंधित है या रही है प्रतिवादी के साथ एक ही घर में रहती हो I

  1. प्रश्न :- घरेलू हिंसा की जानकारी किसको दी जानी चाहिए ?

उत्तर :-  कोई भी व्यक्ति घरेलू हिंसा की जानकारी संबंधित सुरक्षा अधिकारों को दे सकता है I

  1. प्रश्न :-  सुरक्षा अधिकारी कहां उपलब्ध होते हैं ?

उत्तर :- सुरक्षा अधिकारों से संबंधित जानकारी  www.wcddel.in/pwdv1.html वेबसाइट पर उपलब्ध है I

  1. प्रश्न:-  महिला घरेलू हिंसा के संबंध में किसके समक्ष शिकायत कर सकती है?

उत्तर :-  घरेलू हिंसा से पीड़ित महिला क्षेत्रीय महानगर दंडाधिकारी , सुरक्षा अधिकारी , पुलिस अधिकारी , और सेवा प्रदान करने वाली संस्थाओं के समक्ष शिकायत कर सकते हैं I

  1. प्रश्न :- घरेलू हिंसा से सुरक्षा अधिनियम में पीड़ित महिला के मुख्य अधिकार क्या है ?

उत्तर :-

  • घरेलू हिंसा से सुरक्षा का अधिकार I
  • घर मैं रहने का अधिकार I
  • संतान के अभिरक्षा का अधिकार I
  • भरण पोषण और क्षतिपूर्ति का अधिकार I
  • स्त्री के कार्य करने का स्थान बच्चे के विद्यालय या अन्य कोई अस्थान जहां पीड़ित महिला जाती हो वहां जाने से प्रतिवादी को रोकने का अधिकार I
  • चिकित्सा संबंधी लेने का अधिकार I
  • पीड़ित महिला को प्रतिवादी से अपना व अपनी संतान के लिए खर्चा लेने का अधिकार I

 

  1. प्रश्न यदि प्रतिवादी सुरक्षा आदेश का उल्लंघन करता है तो उसे स्थिति में क्या होगा

 उत्तर :-  घरेलू हिंसा से सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत पारित सुरक्षा आदेश का उल्लंघन एक संदेश एवं गैर जमानती अपराध है इसका उल्लंघन करने पर प्रतिवादी को एक वर्ष की कैद अथवा 20000 रुपए तक का अर्थ दंड अथवा दोनों हो सकते हैं I

  1. प्रश्न इस अधिनियम के तहत दायर याचिका की सुनवाई कितने समय तक पूरी हो जाती है

उत्तर :-  घरेलू हिंसा से संबंधित किसी भी शिकायत का 60  दिनों में निपटारा कर देने का प्रावधान है I

  1. प्रश्न :- इस अधिनियम में किस व्यक्ति के विरुद्ध शिकायत की जा सकती है ?

उत्तर :-  पीड़ित महिला वयस्क व्यक्ति के विरुद्ध शिकायत कर सकती है जिसके साथ उसकी घरेलू संबंध हो या रहे हो और जिसके विरोध वह इस अधिनियम के अंतर्गत कार्यवाही करना चाहती हो I

 

 

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